इस्लामिक कहानियां |Islamik Kahaniya
इस्लामि महीनों के नाम हिंदी में | Islamic Months Nmaes In Hindi
Urdu
मुस्लमान अपनी मजहबी तरीका में इस्लामिक पंचांग (calendar ) को मानते हैं जो की चाँद पर निर्भर है चाँद 30 या 29 दिन का होता है इसमें 28 एवं 31 का नहीं होता है जो साल 355 दिन का होता है जो अंग्रेजी हिसाब से 10 दिन कम होता है अंग्रेजी साल को ईस्वी के नाम से जाना जाता है जो की इसा अलैहिस्सलम के हिसाब से है मगर इस्लामिक साल को हिजरी के नाम से जाना जाता है जो हजरत मोहम्मद सल्ललाहो अलैहिस्सलाम जब हिजरत करके मक्का से मदीना गये थे तब से इस्लामिक calendar का ईजाद हुआ चाहे मुस्लमान इस्लामिक calendar के हिसाब से जिंदगी न गुजर पाए लेकिन अपनी मजहबी जिंदगी हर हाल में गुजरता है इस हिसाब से जरुरी है की हर मुस्लमान को इस्लामिक महीनो के नाम जानना जरूरी है अक्सर देखा गया है की ज्यादातर मुस्लमान यहाँ तक की हर इंसान चाहे हिन्दू हो या सिख को मुहर्रम और रमजान ही याद है और इस दो महीना के बारे में जनता है लेकिन खुसनसीब वो है जो इस्लामिक सभी 12 महीनो के नाम जनता है
तो चलिए इनको याद करने और कराने की कोशिश करते हैं
(1 ) मुहर्रम [MUHARRAM ]
इसको मुहर्रमुल हराम भी कहते हैं
(2 ) शफर
इसको सफरूल मुजफ्फर भी कहते हैं
(3 ) रबीउल अव्वल
इसको रबी भी कहा जाता है
ये नबी स० अ० स० का जन्म मौत और हिजरत मक्का से मदीना का महीना है
(4 ) रबीउल आखिर
इसको रबियस सानी भी कहते हैं
(5 ) जुमदल उला
बहुत सब इसको जमादिउल उला कहते जो गलत है
(6 ) जूमादल आखिर
इसको जूमादस सानी भी कहते हैं
(7 ) रजब
कोई इसको रजबुल मुरज्जब भी कहते है
(8 ) शाबान
इसको कोई कोई शबानुल मुअज्जम कहते हैं
(9 ) रमजान
इसको रमजानुल मुबारक भी कहा जाता है
यह महीना मुसलमानों का बरकतों वाला महीना है इसी महीना क़ुरान करीम का नाजील हुवा
और मुस्लमान इसी महीना रोजा रखता है
(10 ) शव्वाल
इसे शव्वालूल मुकर्रम भी कहा जाता है
(11 ) जुल कअदा
और आखरी महीना
(12 ) जुल हिज्जा
इस महीना में मुस्लमान हज करने मक्का जाते हैं काबा शरीफ
और इसी ,महीना के 10 वे दिन ईदुल अजहा बकरीद मनाई जाती है
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