ERTUGRUL GAZI EPISODE 04
अर्तुग़रूल हलफ से काबिला पहुन्च कर अपने पिता को बताते हैं कि सुल्तान अल अजिज ने जमिन देने को तैयार है यह खबर सुन कर सुलेमान शाह अपने कबीले के आदमी को बारी बारी से रवाना करता है हलफ में अपना कबीला को बसने के लिए सबसे पहले शहजादा नुमान और उसके बेटे बेटी को (अर्तुग़रूल) (बाम्शी ) और दुवान के साथ हलफ रवाना किया इसकी भी खबर कबीले के जासूस करातोयगर के उस्ताद (टाई टॉस ) को पहुंचाता है खबर मिलते ही टाई टॉस इन पर चुपके से हमला करता है अर्तुग़रूल और हलीमा सुल्तान रास्ते में एक जगह रुक कर आपस में बात करता है अचानक एक तीर हलीमा सुलतान के हाथ पर लगता है तभी अर्तुग़रूल देखते हैं की हम पर हमला हो गया है हलीमा सुल्तान को तीर लगने की वजह से अर्तुग़रूल वहां से हलीमा को लेकर किसी तरह भाग निकलता है! लेकिन शहजादे नुमान के बेटे और तुर्गुद को टाई टॉस के सिपाही पकड़ कर अपने किले ले जाता है इधर अर्तुग़रूल सहजादे और हलीमा को लेकर हलफ पहुँचता है और हलीमा को हकिम के पास इलाज के लिए छोड़ देता है फिर वहां से वह सुल्तान अल अजीज के पास मुलाकात के लिए जाता है सुल्तान अलअजीज के सेनापति मुसलमान का भेस बदल कर नासिर नाम से उस्ताद टाई टॉस का मुखबरी करता है टाई टॉस के कहने पर नासिर वजीर शहाबुद्दीन अलअजीज के चाचा को एक चाल चलकर ईसाई का जासूस बता करसुल्तान के सामने उनको गलत इल्जाम में फंसा देता है सुल्तान एक और जासूस आसमा नाम के महिला खदिमा से अपनी हवस बुझाता है और उसे पसंद करता है वह भी वजीर शहाबुद्दीन के बारे में सुल्तान के सामने नासिर के कहने पर गवाही देता है उसकी गवाही पर सुल्तान अपने हवस के अंधकार से शहाबुद्दीन को मौत की सजा सुनाता है! और उसे कारगर के बंद कर देता है! फिर नासिर और अश्मा अपने मीठी बात से सुल्तान को कई कबीला के खिलाफ भड़काता है की कई कबीला में महामारी फ़ैली हुई है सहाबुद्दीन के साथ साथ कई कबीला भी गद्दार है इसलिए उसे जमीन देना ठीक नहीं होगाइस बात पर सुल्तान जमीन देने से मुकर जाता है!अर्तुग़रूल गुस्से से लाल पीला हो कर महल से बाहर निकल आता है तो बाहर देखता हैं की शहाबुद्दीन का सर काटने की तैय्यारी हो रही है तो अर्तुग़रूलअपने सिपाही साथी को बुला कर मुँह में नकाब लगाकर साहबुद्दीन को वहां से भगा कर अपने कबीले में छुपा देता है इसी हमले के दौरान अफरा तफरी के बिच अलअजीज के बहन उस बैध के यहाँ झुप जाता है जहँ पहले से हलीमा सुल्तान का इलाज चलता है उसकी जख्म को देख कर अल अजीज के बहन को उस पर दया आ जाता है और बैध से इजाजत लेकर अपने महल पहुँचता है की इसका
हम महल में अच्छा इलाज करवाएंगे हलीमा के साथ उसके पिता भी महल जाता है और हलीमा का वहां अच्छा इलाज होता है और वह पूरी तरह ठीक हो जाता है !

