URTUGRUL GAZI EPISODE 07 | कहानी अर्तुग़रूल गाज़ी का

 URTUGRUL GAZI EPISODE 07 | कहानी अर्तुग़रूल गाज़ी का



इधर अल अजीज हलीमा से जबरदस्ती सुहागरात मनाने के लिए हलीमा को ले कर महल से दूर गेस्ट हाउस जाने की तैयारी करता है इस बात की खबर अर्तुग़रूल को मिलते ही अर्तुग़रूल हलीमा को बचाने




 

के लिए अकेले निकल पड़ता है अर्तुग़रूल को जाते देख उनके पीछे दुवान और बमसी भी उनके पीछे निकलता है रास्ते में अर्तुग़रूल अकेले अल अजीज के समूह से लड़ता है और अल अजीज  के रथ गाड़ीतक पहुँचता है  लेकिन उस रथ में अल अजीज हलीमा को लेकर नहीं आता है और अर्तुग़रूल पकड़ा जाता है थोड़ी देर बाद दूसरा रथ आता है जिसमे अल अजीज और हलीमा रहता है यह अल अजीज का एक चाल था अर्तुग़रूल को पकड़ने का अर्तुग़रूल पकड़ें जाने के बाद अल अजीज अर्तुग़रूल को एक पेड़ से बांध कर उससे अपना इल्जाम कबूलने को कहता है लेकिन अर्तुग़रूल कहता है सुल्तान आप के आँखों का पट्टी उतार कर गद्दार को पहचाने नहीं तो आप की सल्तनत मिटटी का ढेर बन जायेगा इस बात से खफा हो कर अल अजीज बौखलाता है और फिर एक बार अपना इल्जाम कबूलने को कहता है फिर अर्तुग़रूल नासिर के बारे में बताता है की अगर मैं मर जाऊँ तो परवाह नहीं मेरे साथ हलीमा भी अपनी जान गवां देगी और उधर आप का सिपाह सालार हमारे कैद में हैं उस को भी मर डलेंगें मेरे सिपाही यह सुन कर अल अजीज अर्तुग़रूल को छोड़ देने का हुक्म देता है लेकिन वहां भी अल अजीज के सिपाही अल अजीज से गद्दारी कर बैठता है और अल अजीज और अर्तुग़रूल दोनों को जान से मारनेकी कोशिश करता है लेकिन पीछे  से आ रहे दुवान और बमसी वहां आ पहुँचता है और सब सिपाही को मार डालता है तब अल अजीज का आँखों की पट्टी खुलती है और अर्तुग़रूल से माफ़ी मांग कर उसके साथ कबीला जाता है और अपने चाचा वजीर सहाबुद्दीन को मना कर अपने साथ लाता है और गद्दार नासिर का  कबीला में ही सबके सामने सर उड़ा देता है