URTUGRUL GAZI EPISODE 08 | कहानी अर्तुग़रूल गाज़ी का
और कबीला में उस्ताद पेट्रेसियो का जो जासूस था वह सुलेमान शाह का मुंह बोलै भाई कुरतुगुलु था कुरतुगुलु कबीला में सरदार बनने के लिए कबीला के लोगों को सुलेमान शाह के खिलाफ भड़कता था
और सुलेमान के बेटे गुनदुगदु को भी अपने भाई अर्तुग़रूल के खिलाफ भड़काया अगर तुम अभी सरदारी सुलेमान से नहीं मांगोगे तो वह अर्तुग़रूल को सरदार बना देगा इसलिए हर काम में अर्तुग़रूल से आगे रहो अर्तुग़रूल को किसी भी काम में सफल होने न दो भतीजे तुम मेरा साथ दो मैं तुम्हे सरदार बना कर छोड़ेंगे तो गुनदुगदु मान जाता है और कहता है बताइये चाचा किया करना है सबसे पहले कबीले में जितने भी कमजोर जानवर है उन सबको बेच डालो मैं एक ब्यापारी से बात कर रख्खा हूँ वह तुम्हे मुंह माँगा कीमत देंगें! जब तुम कबीले के आदमी को फ़ायदा पहुंचाओगे तब तुम्हारे तरफ से सब सरदारी को कहेंगे कबीले के आदमी को किसी चीज से मतलब नहीं दो वक्त की रोटी मिल जय सुकून से बस गुनदुगदु ऐसा ही करता है बेकार सब जानवर लेकर उस ब्यापारी के पास जाता है और तीन गुनी कीमत पर सब बेच डालता है और कबीले में सब को रुपया बाँट देता हैरु पया बांटता देख अर्तुग़रूल अपने पिता सुलेमान शाह से रुपया बांटने की खबर देता है तो वह गुनदुगदु को बुलाकर उसके बारे में पूछता है तो वह सारा किस्सा अपने बाप के सामने बोलने को मजबूर हो जाता है तब सुलेमान गुनदुगदु को समझाता है और कहता है तुमको कुरतुगुलु ने बहकाया है तुम उसके बात पर हां में हां भरते जाओ और जबमौका मिलेगा तो पलट जाना गुनदुगदु ऐसा ही करता है फिर कुरतुगुलु गुनदुगदु को सरदार बनाने के लिए कबीला में एक पंचायत बुलाता है और उसमें उम्मीदवार का नाम गुनदुगदु का लेता है उसके बाद एक-एक करके सब का राए पूछता है सबसे पहले गुनदुगदु को पूछा जाता है लेकिन वह कहता है जब तक सुलेमान शाह जिन्दा है सरदारी के बारे में सोच भी नहीं सकता यह बात सुनकर कुरतुगुलु हक्का-बक्का रह जाता है और गुस्से से गुनदुगदु के तरफ देखता है फिर वह अपना नाम सरदारी के लिए रखता है लेकिन उसे कोई भी सरदारी के लिए नहीं चुनता है और वह बेइज्जत होकर वहां से चला जाता है उसके बाद एक आदमी से गुनदुगदु के पीने के पानी का बर्तन में जहर डलवा देता है!

