URTUGRUL GAZI EPISODE 09 | कहानी अर्तुग़रूल गाज़ी का
इस तरह गुनदुगदु दूसरे दिन अपने बसेरा में जाता है और पानी पीता है पानी पीते ही वाह बेहोश हो जाता है बेहोश होते ही सलजान खातून चिल्लाने लगता है उसके आवाज पर सभी आदमी वहां पहुंचते हैं तो गुनदुगदु जमीन पर गिरा हुआ रहता है उसे उठाकर कबीले के दवाखाना में ले जाता है और उसका इलाज करने लगता
हैअर्तुग़रूल सभी सिपाहियों को एक जगह बुलाता है और पूछताछ करता है भाई के बसेरा में कौन गया था किसी ने देखा किसी को तब एक सिपाही कहता है हां हमने एक आदमी को देखा था तो उसे पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं गुनदुगदु से मिलने गया था तब उस आदमी का अर्तुग़रूल खोज करता है लेकिन वह कबीला में मौजूद नहीं रहता उसे खोजने के लिए कुछ सिपाही को भेज देता है कुरतुगुलु ने उसे कबीला से पहले ही भगा दिया था जब उसने देखा कि कुछ सिपाही उसके तलाश में है तो वह सिपाही से पहले उस आदमी के पास पहुंचता है और उसे मार देता है सिपाही वहां पहुंचता है तो उसे मरा हुआ मिलता है यह खबर सिपाही अर्तुग़रूल को देता है तो अर्तुग़रूल कहता है इसके पीछे कोई और है जो भी है उसे मैं जल्द से जल्द खोज निकाल लूंगा और उसे जान से मार दूंगा फिर कुरतूगूलू कबीला का दवाखाना जाता है और गुनदूगद का हाल पूछता है उसके पिता से और कहता है सुलेमान शाह को कि मुझे अफसोस है कौन ऐसा कर सकता है सुलेमान कहीं मुझ पर तो शक नहीं है तुम्हारा यह कह कर वहां से चला जाता है उसके बाद सुल्तान अलाउद्दीन के यहां से एक फरमान आता है सुलेमान शाह के पास कि आपका सिपाही मुझे चाहिए मैं सलजूग देश जाऊंगा इसलिए मुझे सिपाही चाहिए उसके फरमान पर सुलेमान शाह अर्तुग़रूल को इसकी जिम्मेदारी देता है यहां पर अर्तुग़रूल एक चाल चलता है और कुरतुगुलु के सामने कहता है कि हम फला रास्ते से सुल्तान के पास जायेंगे यह बात सुनकर कुरतुगुलु फौरन वहां से उस्ताद पेट्रेसियो के पास जाता है और यह सब बता देता है और फिर अर्तुग़रूल उस रास्ते से नहीं जाकर दूसरे जगह छुप जाता है और कुरतूगूलू का चाल बेकार हो जाता और वह वहीं पर पकड़ा जाता है उसे पकड़ कर अर्तुग़रूल कबीला लाता है और सुलेमान साह के पास हाजिर करता है तब सुलेमान शाह पंचायत बुलाता है और कुरतुगुलु को गद्दारी पर गद्दारी का इल्जाम साबित हो जाता है तब सुलेमान शाह सब कबीले वालों के सामने उसके सर को तन से एक ही बार में अलग कर देता है और उसे तड़पा तड़पा कर मारता है फिर अर्तुग़रूल सुल्तान के पास जाने के लिए रवाना हो जाता फिर अर्तुग़रूल सुल्तान के काम को अंजाम देकर कबीला वापस लौट आता है

