प्रेम कहानी यूसूफ अलैहिस्सलाम कि|जीवनी,वकिया part 1
यूसुफ अलैहिस्सलाम का परिवार :•••••
युसूफ अलैहिस्सलाम का पीता याकूब अलैहिस्सलाम का पीता इसहाक अलैहिस्सलाम का पीता ईब्राहीम अलैहिस्सलाम हैं याकूब अलैहिस्सलाम के 12 बेटे यानी युसूफअलैहिस्सलाम के 11 भाई थे और याकूब अलैहिस्सलाम के भाई और याकूब अलैहिस्सलाम के 12 बेटों में सबसे प्यारा यूसुफ़ अलैहिस्सलाम थे और यूसुफ़ भाइयों में सबसे छोटे थे एक रात को यूसुफ़ अलैहिस्सलाम सपना देखा की चाँद सितारे सब उसको सलाम कर रहा है सुबह होते ही यह वाकिया अपने पिता को बताते हैं यह सुनकर याकूब अलैहिस्सलाम अपने बेटे को अकेले एक कमरा में लेजाता और कहता है बेटे इसका जिक्र तुम अपने भाइयों के सामने कभी मत करना लेकिन यूसुफ अलैहिस्सलाम के बड़े बेटे चुपके से यह बात सुन लेता है लेकिन पूरी बात समझ नहीं आता दूसरे दिन सब भाई मिलकर अपने पिता से कहता है कि हम लोगों के साथ यूसुफ को भी बकरियां चराने भेजिए वह हमारे छोटे भाई हैं हम सब इसका बहुत अच्छे से ख्याल रखेंगे बहुत जिद करने के बाद आखिरकार याकूब अलैहिस्सलाम अपने बेटे के बातों को मानकर उन सब के साथ भेज देता है जाने के समय सभी भाई युसूफ से बहुत प्यार भरा बातें करता है जैसे ही मैदान पहुंचता है बकरियों को चरने के लिए छोड़ देता है और सब भाई एक जगह बैठ कर युसूफ से वह बात पूछता है की तुम्हें पिताजी ने रूम में क्या पूछ रहा था लेकिन यूसुफ अलैहिस्सलाम कहता है कुछ नहीं वैसे ही बातें कर रहा था लेकिन सब भाई उसको बहुत प्यार से पूछता है और जिद करने लगता है आखिरकार छोटे बच्चे भाइयों की बात पर बहक जाता है और सपने वाली बात कह देता है यह बात सुनकर युसूफ को एक जगह बैठा देता है फिर थोड़ी दूर जाकर सब भाई आपस में मशवरा करता है की युसूफ तो पैगंबर बनने वाला है पिताजी इसीलिए हम लोगों से मोहब्बत नहीं करता सब यूसुफ को ही मोहब्बत करता है सब युसूफ का ही गलती है अगर यूसुफ को मार दिया जाए तो हम लोगों का रास्ता साफ हो जाएगा लेकिन यूसुफ का एक अपना भाई भी था वह कहता है नहीं नहीं बाबा बहुत दुखी होंगे ऐसा नहीं करना है लेकिन यूसुफ के सौतेले भाई सब नहीं मानता है और उसको भी अपने बातों में उलझा देता है आखिरकार फैसला होता है की यूसुफ को मारना नहीं है उसे इस सूखे कुएं में डाल दो कोई मुसाफिर आएगा तो इसे अपने साथ गुलाम बना कर ले जाएगा यह दूसरा देश चला जाएगा और हम लोगों का रास्ता भी साफ हो जाएगा सब भाई मिलकर यूसुफ को चकमा देकर उस कुएं में गिरा देता है और उसके कपड़े को एक बकरी को मार कर उसके खून से यूसुफ के कपड़े को रंग देता है और शाम को घर वापस लौटता है उधर याकूब अलैहिस्सलाम यूसुफ को भेजकर परेशान था और हमेशा रास्ते की तरफ देखता कि कब आएगा जब सब बच्चे बकरियां लेकर घर वापस आ गए तो याकूब अलैहिस्सलाम पूछता है कि यूसुफ कहां है सब भाई मिलकर जोर-जोर से रोने लगता है और कहता है बाबा यूसुफ को एक जगह बैठा कर हम लोग बकरियां चरा रहे थे और उसको कहे थे की इस जगह से कहीं नहीं जाना लेकिन वह पहाड़ के तरफ चला गया था तो उस पर भेड़िया ने हमला कर दिया और उसे मार डाला यह कपड़ा यूसुफ का है देख लीजिए यह सुनकर याकूब अलैहिस्सलाम को बहुत जोर का सदमा पहुंचता है और कहता है नहीं नहीं युसूफ नहीं मर सकता यह धोखा है यह कह कर सबर कर लेता है और सब अल्लाह पर छोड़ देता है उधर युसूफ अकेले अंधेरे कुएं में रो रहे थे बहुत जोर का भूख भी लगा था तो उन्होंने अल्लाह को याद किया और अल्लाह की हुकुम से उस कुएं में फरिश्ते की मदद से खाना और रोशनी पहुंचाता है और फरिश्ते को हुक्म देता है की यूसुफ को उस कुएं में अकेले मत छोड़ना उसके साथ रहना इस तरह 2 दिन बीत गए 2 दिन के बादसौदागर का काफिला वहां पर आकर रुकी रुकने के बाद पानी के लिए उस कुएं में बाल्टी को रस्सी बांधकर उतारा जैसे ही बाल्टी नीचे गया यूसुफ ने उस बाल्टी के अंदर घुस गया बाहर से यह लोग रस्सी खींच रहे थे लेकिन बहुत भारी था सब मिलकर रस्सी खींचा और ऊपर उठाया तो बाल्टी में पानी के जगह एक खूबसूरत बच्चा मिला उस काफिले के मालिक ने इस बच्चे से अपना नाम पता पूछा लेकिन यूसुफ यहां पर सोच में पड़ गया और थोड़ी देर सोचने के बाद बोला कि मेरा कोई माता-पिता नहीं है और मैं इस कुएं में पानी निकलने आया था लेकिन इसमें गिर गए यह सुनकर काफिले के मालिक बहुत खुश हुई और कहां चलो अल्लाह ने फ्री में एक गुलाम दिया है इसे भी बाजार जा कर बेच डालूंगा फिर काफिले वहां से रवाना हुआ यूसुफ को भी हाथ बांधकर एक घोड़े में बिठाया और वहां से चलता बना अपना देश पहुंचकर उस सौदागर ने गुलाम के बाजार में यूसुफ को ले गया और उसकी कीमत 10 दिनार रखा युसूफ देखने में बहुत ही सुंदर था उस बाजार में वहां का बादशाह भी मौजूद था बादशाह जैसे ही युसूफ को देखा उसे पसंद आ गया और जाकर उसका कीमत पूछा सौदागर ने उसका कीमत 10 दीनार बताया लेकिन बादशाह ने उसे 15 दिनार में खरीदा और अपने साथ महल ले गया युसूफ को देख बादशाह की पत्नी जुलेखा को भी बहुत पसंद आया और उसको अपने साथ रखने के लिए बादशाह से उसे ले लिया इस तरह युसूफ महल में बड़ा हुआयूसुफ अलैहिस्सलाम जब जवान हुए तो उस की खूबसरती देख बादशाह का बीबी उस पर फीदा हो गया क्यों न हो अल्लाह ताला यूसुफ को इतना खुबसूरत पैदा कीया की रहती दुनिया तक एक मिशाल बन गया। यूसुफ अलैहिस्सलाम बादशाह की बीबी जुलेखा का गुलाम था यूसुफ की खूबसूरती से फीदा यूसुफ को जीना के लीए मजबूर करता लेकिन यूसुफ अलैहिस्सलाम अल्लाह कीकी डर और यूसुफ की परहेज गारी उसे वहां से भागने पर मजबूर कर देता है इस बात की खबर पूरे रियासत में हवा की तरह फैल जाता है की रानी यूसुफ का दीवाना है यह सुनकर बादशाह अपनी रानी से पूछता है क्या मैं सुन रहा हूं पुरानी कहता है यह सब गलत बात है मुझे बदनाम करने के लिए यह सब बात कर रही है फिर रानी का सहेली सब यह बात सुनकर रानी के पास आता है और पूछता है क्या तुम एक नौकर की प्रेम में पागल हो कैसे या हो सकता है कि तुम्हें नौकर के प्यार में अंधी हो गई है अपने इज्जत का भी ख्याल नहीं किया तो दौरानी कहता है अपनी सहेलियों से कि तुम लोग ऐसे नहीं समझोगे कल सुबह में तो हम लोगों को दावत पर बुला लूंगा सब आ जाना आखिर रानी वैसा ही करता है सब सहेलियों को दावत पर बुलाता है और सबके सामने एक सेब और एक चाकू रखता है उसके बाद यूसुफ को रानी साहिबा हुक्म देता है कि तुम मेरे मेहमान के सामने जाकर खड़े हो जाओ जैसे ही युसूफ उस कमरे में दाखिल होता है उसी समय रानी सभी सहेलियों को सेब काटने को कहता है सब औरत ऐसा ही करता है जैसे ही सब अपने हाथ में चाकू और सेब पकड़ता है उसी वक्त यूसुफ को उस कमरे में ले आता है युसूफ को देख सभी औरत युसूफ की तरफ देखने लगता है और देखते ही रहता है यहां तक कि सब औरत सेब के जगह अपनी उंगलियां काट डालता है और पता ही नहीं चलता उसकी तरफ देखते रहता है ऐसा देख रानी युसूफ को वहां से वापस भेज देता है तब सभी औरत अपनी हाथों की तरफ देखता है सबका उंगली कटा हुआ तब रानी कहता है अब तुम लोग समझे मैं क्यों इस पर पागल हूं इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं यूसुफ अलैहिस्सलाम को अल्लाह ने कितना खूबसूरत बनाया था ऐसा करते करते रानी आखिर थक कर एक योजना बनाता है और एक घर तामीर करता है उस घर में एक के बाद एक सात दरवाजा होता है 7 दरवाजे के बाद रानी का बिस्तर लगा रहता है फिर रानी एक नौकर को कहता है की जाओ और यूसुफ को कहो की रानी ने तुम्हें बुलाया है और जैसे ही वह मेरे पास आए पीछे से तुम सातों दरवाजे को बंद कर देना नौकर ऐसा ही करता है जब युसूफ रानी के बिस्तर तक पहुंचता है तो वह नौकर सभी दरवाजे में लॉक लगा देता है फिर अंदर रानी जुलेखा कहता है युसूफ से कि मुझसे प्यार करो नहीं तो मैं चीलाऊंगी और तुम्हें सजा दिलवा दूंगा लेकिन यूसुफ नहीं मानता है तब जुलेखा उसे जबरदस्ती पकड़ लेता है लेकिन यूसुफ किसी तरह उससे बचकर दरवाजे के पास आता है और अल्लाह से दुआ करता है या अल्लाह मुझे इस गंदी चीज से बचा ले मुझे जीना से बचा ले और यूसुफ का दुआ उसी वक्त कुबूल होता है और एक के बाद एक सभी सातों दरवाजा अपने आप खुल जाता है फिर रानी जाकर बादशाह से यूसुफ का शिकायत करता है की यूसुफ ने मुझसे बदतमीजी की है और मुझसे जिना करने की कोशिश की है यह सुनकर बादशाह यूसुफ को बुलाता है और यूसुफ को अपनी सफाई पेश करने का मौका देता है लेकिन यूसुफ चुपचाप खड़ा रहता है यह देखकर बादशाह उसे उम्र कैद की सजा सुनाती है उसके बाद यूसुफ को उस रियासत का कारागार भेज देता है
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Q1.नबियों में सबसे खूबसूरत कौन थे ?
ANS1. नबियों में सबसे खूबसूरत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम थे अल्लाह ने उसे दुनिया के तमाम इंसानो में सबसे खुबशुरत पैदा किया था
Q2. किया यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की शादी जुलेखा से हुइ थी ?
ANS2. कुरान की हवाला से साबित होता है की जुलेखा की शादी यूसुफ़ से नहीं हुई थी यहाँ तक की कुरान में जुलेखा नाम कोई वाकिया ही नहीं है लेकिन दूसरे मजहब की किताबों में बताया गया है की जब यूसुफ़ कैद खाने से छूट कर आये तो जुलेखा रस्ते के बगल में पागल हालत में पड़ा था यूसुफ़ उसे पहचान कर ले जाता है और फिर जुलेखा सच्चे मन से तोबा करता है तो अल्लाह उसे फिर जवान बना देता है फिर दोनों की शादी हो जाता है यह कुरान के हिसाब से सही नहीं है
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