एक नौकरानी की कहानी /फिरओन का जुल्म का शिकार

 एक नौकरानी की कहानी /फिरओन का जुल्म का शिकार 

 एक औरत मूसा अलैहिस्सलाम पर ईमान ला चुकी थी एक दिन वह कंघी कर रही थी उसी दौरान उसने अल्लाह का जिक्र किया तो फिरौन की बेटी पूछता है तुम किस अल्लाह का जिक्र किया तो उसने कहा मूसा के अल्लाह की तो उसने कहा किया तुम मेरे बाप को अल्लाह नहीं मानते हो तो  बोली बेशक तुम्हारा बाप अल्लाह के नफरत के भी लायक  नहीं और वह अपने आप को अल्लाह कहता है फिरौन की बेटी गुस्से में आकर अपने बाप के पास पहुंची और सारा माजरा उसे सुना दिया फिरौन ने उस मोमिना औरत को बुलाकर पूछा कि किया यह बात सच्ची है जो मैंने अपनी बेटी से सुना बोली बिल्कुल सच है मैं तुझे हरगिज अल्लाह नहीं मानती और मूसा अलैहिस्सलाम का कलमा पढ़ती हूं फिरौन गुस्से से लाल पीला जल्लाद को बुलाकर उसे लिटा कर उसके हाथ और पैर में  कील ठुकवा कर हुक्म दिया की   उसका घर जाओ और उसकी औलाद को उठा कर लावो आखिर कर एक दूध पीती छोटे बच्चे को ले आया और उस औरत के सामने उसे मरने की तैयारी की यह सब देख औरत डर के मरे चिल्लाने लगी  उसी वक्त

 



उस बच्ची को अल्लाह का नियामत आ पहुंचा और वह बोलने लगी 

और कहने लगी अरे मां मत परेशान हो तू सब्र कर और अल्लाह पर कायम रह बाकि अल्लाह सब कुछ जानने वाला है इसकी जुल्म तुम्हारे और हमारे लिए जन्नत का दरवाजा खोल देगी और जन्नत में पहुँच कर इस तकलीफ का भरपूर बदला अल्लाह ताला देने वाला है और थोड़ी देर के बाद फिरौन के हुक्म से उस दोनों को मौत के पास पहुंचा दिया जाता है 

नतीजा :......... 

जिस ने अपने आप को अल्लाह ताला की राह में मिटा दिया हो  उसके लिए जहन्नम हराम है और यह सबसे आला रहमत अल्लाह ताला का है और अल्लाह ताला कहता है जिसने सब्र किया उसके साथ अल्लाह है और उनके लिए 


जन्नत का दरवाजा खुला है