Ladki ki shadi,marji ke khilaf,

Ladki ki shadi,marji ke khilaf,

एक लड़की की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ एक सीधे-साधे लड़के से की जाती है जिसके घर में एक मां के अलावा और कोई नहीं है दहेज में लड़के को बहुत सारे उपहार और पैसे मिले होते लड़की किसी और लड़के से बेहद प्यार करती थी और लड़का भी लड़के शादी हो कर आ गई अपने ससुराल सुहागरात के बाद लड़का दूध लेकर आता है तो दुल्हन सवाल पूछती है अपने पति से एक पत्नी की मर्जी के बिना पति उसको हाथ लगाए तो उसे बलात्कार कहते हैं या हक़ पति ने कहा आपको इतनी लंबी और गहरी जाने की कोई जरूरत नहीं है बस दूध लाया हूं पी लीजिए गा म सिर्फ आपको को शुभरात्रि कहने आए थे कह के कमरे से निकल जाता है लड़की मन मार कर रह जाती है क्योंकि लड़की चाहती थी  कि किसी तरह झगड़ा हो और बखेड़ा खड़ा कर सके ताकि मैं इस गवार से पीछा छुड़ा सकूं है तो दुल्हन मगर घर का कोई भी काम नहीं करती बस दिन भर ऑनलाइन रहती और न जाने किस-किस से बात करती मगर उधर लड़के की मां बिना शिकायत के घर का सारा काम करती मगर हर पल अपने होठों पर मुस्कुराहट लेकर फिरती  लड़का एक कंपनी में छोटा सा मुलाजिम है और बेहद मेहनती और ईमानदार करीब महीने भर बिट गये मगर पति पत्नी अब तक साथ नहीं सोये  वैसे लड़का बहुत शांत स्वभाव वाला था इसलिए ज्यादा बात नहीं करता था बस खाने के वक्त अपनी पत्नी से पूछ लेता था कि कहां खाओगी अपने कमरे में या हमारे साथ और सोने से पहले डायरी लिखने की आदत थी जो वह हर रात को लिखता था ऐसे लड़की  के पास एक स्कूटी था वह हर रोज बाहर जाती थी पति के ऑफिस जाने के बाद और पति के वापस लौटते ही आ जाती थी आज छुट्टी का दिन था लड़का भी घर पर ही था तो लड़की ने खाने को गंदा कह कर मां को अपशब्द बोल कर खाना फेंक देती है शांत रहने वाला उसका पति अपनी पत्नी पर हाथ उठा देता है मगर मां अपने बेटे को बहुत डांटती है इधर लड़की को बहाना चाहिए था

झगड़े का जो उसे मिल गया था वह पैर पटकती हुई स्कूटी लेकर निकल पड़ती है लड़की जो रोज घर से बाहर जाती थी वह अपने प्यार से मिलने जाती थी लड़की भले टूटकर चाहती थी लड़के को मगर उसे पता था कि हर लड़की की एक हद होती है जिसे इज्जत कहते हैं वह उसको बचाये रखी थी इधर लड़की अपने प्यार के पास पहुंच कर कहती है अब तो एक पल भी उस घर में नहीं रहना है मुझे आज गंवार ने मुझ पर हाथ उठा कर अच्छा नहीं किया लड़के  ने कहा तुम से तो मैं कब से कहता हूं कि भाग चलो मेरे साथ कहीं दूर मगर तुम हो कि आजकल आजकल पर लगी रहती हो लड़की ने कहा शादी के दिन मैं आई थी तो तुम्हारे पास तुम ही ने तो लौटाया था मुझे  लड़का ने कहा खली हाथ कहाँ तक भागोगे तुम्ही कहो मैंने तो कहा था कुछ पैसे और गहने साथ लेलो तुम तो खली हाथ आई थी कही दूर जाकर पैसे तो चाहिए न लड़की :..  हम दोनों मेहनत करके कमा भी सकते थे न 

 

लड़का : खाली हाथ भागते तो यह इश्क का भूत 2 दिन में उतर जाता समझी  और जब भी तुम्हें छूना  चाहता हूं बहुत नखरे हैं तुम्हारे बस कहती हो शादी के बाद लड़की ने कहा: हां शादी के बाद ही अच्छा होता है यह सब और सब तुम्हारा तो है मैं आज भी एक कुंवारी लड़की हूं शादी करके भी आज तक उसे चुने नहीं दिया मेरे शरीर को उस गवार के साथ सो ना सके क्योंकि तुम्हें ही अपना पति मान चुकी हूं बस तुम्हारे नाम के सिंदूर लगान  बाकी है बस वह लगा दो सब कुछ तुम अपनी मर्जी से करना लड़का  ने कहा: ठीक है मैं तैयार हूं मगर इस बार कुछ पैसे जरुर साथ लेकर आना यह मत सोच लेना की हम तो दौलत से प्यार करते हैं बल्कि ऐसा नहीं हम सिर्फ तुमसे प्यार करते हैं बस कुछ छोटे-मोटे बिजनेस के लिए पैसे चाहिए लड़की ने कहा: गवार के पास कहां होगा पैसा मेरे बाप से ₹3 लाख रुपया ऊपर से मारुति कार ली है बस कुछ गहने है वह लेके आउंगी  लड़का लड़की को होटल का पता देकर चला जाता है लड़की घर आकर फिरसे लड़ाई करता है

मगर अफ़सोस वह अकेली चिल्लाती रहती है लड़के ने फोन पर  कहा जल्दी आना मैं होटल के बाहर खड़ा रहूंगा बाय लड़की अपने पति को बोल देती है कि मुझे खाना नहीं चाहिए मैंने बाहर खा लिया है इसलिए मुझे कोई परेशान ना करें इतना कहकर दरवाजा बंद कर के अंदर आती है कि पति बोलता है कि वह अलमारी से मेरा डायरी दे दो फिर बंद करना  दरवाजा हम परेशान नहीं करेंगे लड़की दरवाजे खोले बिना कहती है कि चाबी दो  अलमारी की लड़के ने कहा तुम्हारे बिस्तर के





पैरों तले है चाबी मगर लड़की उनके बात पर धियान नहीं देता और दरवाजा नहीं खुलती बल्कि जोर-जोर से गाना सुनने लगती है और नाचने लगती है बाहर कुछ देर दरवाजा पीटता है फिर हार जाता है लड़की ने बड़ी जोर से गाना बजा रक्खा था फिर कुछ देर नाचने के बाद अलमारी खोलकर देखती है जो उसने पहली बार खोला था क्योंकि वह अपना सामान अलग अलमारी में रखती थी  अलमारी खोलते ही हैरान रह जाती है अलमारी में उसके अपने पासबुक एटीएम कार्ड थे जो  उसके घर वालों ने छीन के रक्खे थे  खोल कर चेक किया तो उसमें वह पैसे भी ऐड है जो दहेज में लड़के को मिले थे और बहुत सारे गहने भी जो एक पेपर के साथ थी और उसकी मालकिन लड़की के नाम थी फिर उसकी नजर डायरी में पड़ती है  जल्दी से डायरी निकालके पढ़ने लगती है लिखा था तुम्हारे पापा ने एक दिन  मेरी माँ की जान बचायी थी अपनी  खून देकर  अपनी माँ से बहुत प्यार करता हूँ इसलिए मैंने झुककर आपके पापा को परनाम करके कहा था आपका यह अनमोल अहसान कभी नहीं भूलूंगा और आप के लये अपनी जान भी हाजिर है 







 कुछ दिन बाद आपके पापा हमारे घर आए हमारे तुम्हारे रिश्ते की बात लेकर लेकिन उन्होंने आपकी हर बात बताई हमें आप एक लड़के से बेहद प्यार करती हो आपके पापा आपकी खुशी चाहते थे इसलिए वह पहले लड़के को जानना चाहते थे आखिर आप अपने पापा की princess जो थी  और हर बाप अपने प्रिंसेस के लिए एक अच्छा इमानदार प्रिंस चाहता है आपके पापा ने खोज करके पता लगाया कि वह लड़का बहुत सी लड़की को धोखा दे चुका है और पहली शादी भी हो चुकी है आपको बता ना सके क्योंकि उन्हें पता था कि यह जो इश्क है वह हमेशा अपनों को गैर और गैर को अपना समझता है एक बाप के मुंह से एक बेटी की कहानी सुनकर मैं अचंभित हो गया हर बाप यहां तक शायद ही सोचे मुझे   यकीन हो गया था कि एक अच्छा पति होने का सम्मान मिले ना मिले मगर एक दामाद होने की इज्जत मैं हमेशा पा सकता  हूं मुझे दहेज़ में मिले सरे पैसे अकाउंट में जमा कर दिए और तुम्हारी घर से मिली गाड़ी आज भी तुम्हारे घर पर है इसलिए की जब मुझ से  प्यार हो जाए तो साथ चलेंगे कहीं दूर घूमने और मैंने तुम्हे इसलिए मारा की तुम ने माँ की बेइज्जती की इसके लिए मई तुमसे माफ़ी छटा हूँ यह सब बाते डेरी से पढ़कर लड़की के आंख खुल गए और आंख से आंसू आने लगा आखिर कर डेरी पढ़ते पढ़ते सुबह हो गया लड़का आफिस चला गया सुबह उठ के लड़की थोड़ी देर से उठी तो उसका पति को  घर में न पाकर अपने हाथों से नास्ता बनाया और उसकी सास को खिला कर जबरदस्ती उसकी सास को escuti  

 

में  बिठाकर जबकि कुछ पता ही नहीं है उनको की बहू आज मुझे कहां ले जा रही है बस बैठ जाती है फिर रास्ते में सासुमा को पति के ऑफिस का पता पूछ कर ऑफिस पहुंच जाती है पति हैरान रह जाता है पत्नी को इस हालत में देखकर पति ने कहा सब ठीक तो है ना मगर मां बोलती इससे पहले पत्नी गले लग कर कहती है कि आप सब ठीक है आई लव यू फॉरएवर ऑफिस के लोग सब खड़े हो जाते हैं दुल्हन कहती है कि मैं इनकी धर्मपत्नी हूं बनवास गई थी अब एक महीने तक मेरे पतिदेव ऑफिस में दिखाई नहीं देंगे ऑफिस के लोगों ने कहा कि हम लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं साथ-साथ पति ने कहा पागल दूल्हा आपकी सादगी और भोलेपन ने बनाया है सभी लोग तालियां बजाते हैं और दुल्हन फिर से लिपट जाती है जहां से दोबारा कभी भी छूटना नहीं चाहती 

बड़े कड़े फैसले  होते हैं हमारे अपनों की मगर हम समझ नहीं पाते कि हमारे अपने हमारी फ़िक्र खुद से ज्यादा क्यों करते हैं मां बाप के फैसलों का सम्मान करें कियों की ये दो ऐसे सख्स हैं जो आपको हमेशा दुनियादारी से ज्यादा प्यार करते हैं