शादी/shadi karna kaisa hai islam ki najar me

 शादी/shadi karna kaisa hai islam ki najar me
 शादी करना सुन्नत है और इस्लाम का एक हिस्सा है इसलिए हर इंसान को शादी करना चाहिए बगैर किसी जाईज वजह के अगर कोई शादी नहीं कर रहा  तो यह इस्लाम के खिलाफ है जिन लोगों की शादी होने वाली होती है उनमें से बहुत से लोगों के दिमाग में कुछ सवाल होते हैं कि इस्लाम के हिसाब से शादी के बाद भी पहली रात को क्या करना चाहिए क्या इसका सही तरीका है हम यहां पहले रात की कुछ बात करेंगे लेकिन यह बात सिर्फ इस्लाम सीखने की नियत से पढ़िए दिल में कुछ गंदगी ना रखें और ना कोई गलत कमेंट करना हमारा मकसद सिर्फ उन लोगों को इस्लाम का तरीका बताना है जिनको इस बारे में मालूम कम है शादी के बाद जब लड़का रूम में जाए तो सबसे पहले सलाम करें खैरियत मालूम करें और थोड़ी बात करने के बाद लड़की की पेशानी के बाल सीधे हाथ आहिस्ता से पकड़िए और यह दुआ करें हदीस देखिए हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने इरशाद फरमाया जब कोई शख्स निकाह करें और पहली रात को अपनी दुल्हन के पास जाए तो नरमी के साथ उसकी पेशानी के थोड़े से बाल अपने सीधे हाथ में लेकर यह दुआ पढ़े अल्लाहुम्मा इन्नी अश अलुका मीन खैरीहा व खैरी मा फीहा व खैरी मा जबलताहाअलय वाउधु बीका मीन सर्रेहा व सरर्री मा फीहा व सर्री म जबलताहा अलैह,

 तर्जुमाः....





ऐ अल्लाह मैं तुझसे इसकी(अपनी बीबी की) भलाई और खैरो बरकत मांगता हूं और उसकी फीत्री आदतों की भलाई और तेरी पनाह चाहता हूं उसकी बुराई और फीत्री आदतों की बुराई से

पेशानी का बाल पकड़ने से पहले अपनी बीवी को यह बता सकते हैं कि यह हमारे रसूल का हुक्म है वरना जिस लड़की को नहीं मालूम हो वाह कुछ गलत ना सोचने लगे इसके बाद अगर वजू ना हो तो वजू कर लीजिए और 2 रकात नमाज पढ़ लीजिए और अल्लाह का शुक्र अदा करें और उससे दुआ करें उसके बाद नमाज में खड़े हो जाए लड़का इमाम बनने और लड़की को अपने पीछे खड़े करें दोनों साथ नमाज़ पढ़े नमाज़ की नियत नमाज़ की नियत 2 रकात नमाज नफील शुकराने के वास्ते अपने दिल में करें फिर जैसे नमाज पढ़ते हो वैसे ही नमाज अदा करें उसके बाद शादी खैरियत से होने के लिए अल्लाह से दुआ करें और शादी को कामयाब बनाएं इस तरह की दुआएं करें और आखिर में दरूद शरीफ पढ़ लीजिए नमाज के बाद किसी भी काम में जल्दबाजी ना करें बल्कि लड़की से इस तरह बात करें कि उसकी थोड़ी झिझक दूर हो जाए थोड़ा अपने बारे में बात करिए थोड़ा उसकी सुनिए जब लड़की की थोड़ी झिझक दूर हो जाए तो आप साथ में सोने का इरादा करें तो उससे पहले यह दुआ पढ़ लीजिए

 बिस्मिल्लाह, अल्लाहुम्मा जन्नीबनस शैताना,व जननी विश- शैताना  मराजकताना,

तर्जुमाः







अल्लाह के नाम से ए अल्लाह दूर कर हमसे शैतान मरदुद को और दुर कर शैतान मरदूद को उस औलाद से जो तू हमें आता करेगा,

जो शख्स इस दुआ को हमबिस्तरी के वक्त पढ़ेगा तो अल्लाह उस पढ़ने वालों को अगर औलाद अता फरमाए तो उह औलाद को शैतान कभी भी नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा

नोटः

यह याद रखिए कि जो पेशानी के बाल पकड़कर दुआ करना है वह सिर्फ पहली रात में ही पढ़ना है और एक ही बार पढ़ना है लेकिन यह वाली दुआ 

बिस्मिल्लाह, अल्लाहुम्मा जन्नीबनस शैताना,व जननी विश- शैताना  मराजकताना, हमेशा पढ़नी है जब भी बीवी के साथ सोने का इरादा हो उससे पहले इस दुआ को पढ़ ले